‘विचित्र पुराण’ के लेखक गौतम यादव ला रहे हैं ‘अरण्य’, जंगल में शुरू होगा रहस्यमय शिकार

‘विचित्र पुराण’ के लेखक गौतम यादव ला रहे हैं ‘अरण्य’, जंगल में शुरू होगा रहस्यमय शिकार

‘विचित्र पुराण’ के लेखक गौतम यादव ला रहे हैं ‘अरण्य’, जंगल में शुरू होने वाला है एक रहस्यमय शिकार

हॉरर कॉमिक्स में सिर्फ डर पैदा करना आसान नहीं होता। असली चुनौती होती है ऐसा माहौल बनाना, जहाँ पाठक को हर अगले पन्ने पर यह महसूस हो कि कुछ ठीक नहीं है।

इसी दिशा में अब गौतम यादव अपनी नई कॉमिक्स ‘अरण्य : अध्याय एक (आरंभ खंड)’ के साथ लौट रहे हैं।

गौतम यादव इससे पहले ‘विचित्र पुराण’ के लेखक के रूप में हॉरर शैली में अपनी पहचान बना चुके हैं। ‘विचित्र पुराण 1’ में भी हॉरर और रहस्य को अलग-अलग कहानियों के माध्यम से पेश किया गया था और इसके लेखक के रूप में गौतम यादव का नाम दर्ज है।

अब ‘अरण्य’ का सामने आया टीज़र एक बिल्कुल अलग लेकिन उतना ही बेचैन करने वाला संसार दिखा रहा है।

जंगल में सिर्फ शिकार नहीं हो रहा

टीज़र के विजुअल्स में घने जंगल के बीच एक शिकारी बंदूक ताने नजर आता है। सामने एक जानवर है और पहली नजर में यह दृश्य सामान्य शिकार जैसा लग सकता है।

लेकिन इसके बाद आने वाले दृश्य तस्वीर बदल देते हैं।

कहीं कुछ लोग किसी रहस्यमय घटना के बीच खड़े दिखाई देते हैं, कहीं एक व्यक्ति भयावह स्थिति में नजर आता है और कहीं डर से भरी आंखें कहानी में आने वाले खतरे का संकेत देती हैं।

इन दृश्यों को साथ रखकर देखें तो ऐसा लगता है कि जंगल इस कहानी में केवल घटनाओं की जगह नहीं है।

वह शायद खुद कहानी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

‘विचित्र पुराण’ के लेखक गौतम यादव ला रहे हैं ‘अरण्य’, जंगल में शुरू होगा रहस्यमय शिकार

दैवीय प्रकोप या इंसानी साजिश?

‘अरण्य’ के टीज़र की सबसे महत्वपूर्ण पंक्ति है—

“मौत अपना हिसाब वसूल करेगी जब दैवीय प्रकोप और इंसानी साजिश के बीच की लकीर धुंधली हो जाएगी।”

यही पंक्ति कहानी को साधारण हॉरर से आगे ले जाती है।

अगर कोई भयावह घटना हो रही है तो उसका कारण वास्तव में क्या है?

क्या यह किसी दैवीय प्रकोप का परिणाम है?

या फिर इसके पीछे इंसानों की कोई ऐसी साजिश है, जिसे समझना आसान नहीं होगा?

और सबसे बड़ा सवाल—अगर यह साजिश है, तो इसका शिकार कौन बनने वाला है?

टीज़र इन सवालों के जवाब देने के बजाय उन्हें और बड़ा कर देता है।

‘विचित्र पुराण’ के बाद गौतम यादव की नई हॉरर दुनिया

‘विचित्र पुराण’ में गौतम यादव ने हॉरर को अलग-अलग भयावह परिस्थितियों और रहस्यों के जरिए पेश किया था। उस कॉमिक्स के आधिकारिक उपलब्ध विवरण में भी जीवित रहने की चुनौती, इंसान के हैवान बनने और रहस्यमय कुओं जैसे डरावने तत्वों का उल्लेख मिलता है।

‘अरण्य’ के शुरुआती विजुअल्स को देखकर लगता है कि इस बार कहानी का वातावरण जंगल, शिकार, भय और रहस्य के इर्द-गिर्द बनाया गया है।

हालांकि अभी कहानी के पात्रों और घटनाओं के बारे में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इस समय इसके प्लॉट को लेकर किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

और शायद यही इस टीज़र की खूबी भी है।

आर्टवर्क भी कहानी का मूड तय करता है

‘अरण्य’ के सामने आए ब्लैक-एंड-व्हाइट पन्नों में भारी शेडिंग और तीखी लाइनवर्क का इस्तेमाल किया गया है। चेहरों पर डर और तनाव को काफी प्रमुखता दी गई है।

खासकर आंखों वाले पैनल और आखिरी हिस्से के चेहरे यह संकेत देते हैं कि कहानी में आने वाला डर सिर्फ जंगल या किसी बाहरी खतरे तक सीमित नहीं रहने वाला।

यहां इंसान का डर भी कहानी का हिस्सा है।

वहीं शिकार वाला रंगीन पैनल जंगल के वातावरण को अलग तरीके से स्थापित करता है। उसके ब्लैक-एंड-व्हाइट संस्करण के साथ देखने पर यह भी पता चलता है कि कहानी के विजुअल ट्रीटमेंट को लेकर अलग-अलग प्रस्तुति पर काम किया गया है।

“शिकार जल्द ही शुरू होने वाला है”

टीज़र का अंत एक सीधी लेकिन असरदार चेतावनी के साथ होता है—

“शिकार जल्द ही शुरू होने वाला है। इंतजार कीजिए।”

फिलहाल ‘अरण्य’ के बारे में जितना सामने आया है, उससे ज्यादा सवाल मिलते हैं और जवाब कम।

लेकिन एक बात स्पष्ट है—‘विचित्र पुराण’ के बाद गौतम यादव एक बार फिर हॉरर की दुनिया में लौट रहे हैं, और इस बार जंगल में होने वाला शिकार शायद उतना सीधा नहीं है जितना पहली नजर में दिखाई देता है।

अरण्य : अध्याय एक (आरंभ खंड)
शिकार शुरू होने वाला है।

अब देखना यह है कि शिकारी कौन है और असली शिकार कौन।